सिंधू ने फाइनल में पहुंच कर रचा इतिहास

सिंधू ने फाइनल में पहुंच कर रचा इतिहास

दुबई। ओलपिंक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता भारत की पी वी सिंधू ने साल के आखिरी 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि वाले दुबई वर्ल़्ड सुपर सीरीज फाइनल्स बैडमिंटन टूनार्मेंट के खिताबी मुकाबले में शनिवार को पहुंच कर इतिहास रच दिया। सिंधू टूनार्मेंट के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।   
विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने आठवें नंबर की चीन की चेन यूफेई को 59 मिनट तक चले सेमीफाइनल में 21-15 21-18 से हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित टूनार्मेंट के फाइनल में जगह बनाई। सिंधू इस टूनार्मेंट के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। इससे पहले सायना नेहवाल 2011 में इस टूनार्मेंट के फाइनल में पहुंची थीं। सिंधू गत वर्ष इस टूनार्मेंट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं।   
सिंधू ने अपने ग्रुप में सभी 3 मैच जीते थे और इस लय को उन्होंने सेमीफाइनल में भी बरकरार रखते हुए यूफेई के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 4-2 कर लिया है। सिंधू का खिताब के लिए जापान की अकाने यामागूची के साथ मुकाबला होगा जिन्होंने पहले सेमीफाइनल में थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन को एक घंटे 12 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 17-21 21-12 21-19 से हराया।  सिंधू ने विश्व की नंबर दो खिलाड़ी यामागूची को ग्रुप चरण में मात्र 36 मिनट में 21-9 21-13 से हराया था। भारतीय खिलाड़ी का यामागूची के खिलाफ 5-2 का करियर रिकॉर्ड है। सिंधू इस टूनार्मेंट से पहले यामागूची को हांगकांग ओपन में भी हरा चुकी हैं।
भारतीय खिलाड़ी का इस साल यूफेई से यह 5वां मुकाबला था। दोनों के बीच इस साल 2-2 का रिकॉर्ड चल रहा था लेकिन लगातार दूसरे साल इस टूनार्मेंट का सेमीफाइनल खेल रही सिंधू ने पहले गेम को जीतने में ज्यादा पसीना नहीं बहाया। दूसरे गेम में जरूर संघर्ष हुआ और स्कोर 15-15 तथा 16 -16 से बराबर हो गया लेकिन सिंधू ने फिर लगातार दो अंक लेकर 18-16 की बढ़त बनाई और गेम को 21-18 से समाप्त करते हुए पहली बार फाइनल में प्रवेश कर लिया।